अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप से टकराव के बाद पोप ने स्पष्ट किया

पोप ने बोला कि उनका उस भाषण का उद्देश्य ट्रंप को संबोधित नहीं था, बल्कि उन्होंने सिर्फ दुनिया भर की प्रगति के लिए एक संदेश दिया था।
पोप फ्रांसिस ने अपने उस भाषण के बारे में विवाद के बाद स्पष्टीकरण दिया है जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रति अपमानजनक बताया था। पोप ने कहा कि उनका भाषण किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं था, बल्कि यह दुनिया भर के नेताओं के लिए एक संदेश था जिसमें उन्होंने प्रगति और शांति की आवश्यकता पर जोर दिया था।
पोप ने कहा, 'मेरा भाषण किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं था, बल्कि यह दुनिया भर के लोगों के लिए एक संदेश था जिसमें उन्होंने प्रगति और शांति की आवश्यकता पर जोर दिया था।'
यह विवाद तब शुरू हुआ जब ट्रंप ने पोप के उस भाषण को अपने लिए अपमानजनक बताया था और कहा था कि पोप ने उन पर टिप्पणी की थी। लेकिन अब पोप ने स्पष्ट किया है कि उनका भाषण किसी विशेष व्यक्ति के लिए नहीं था, बल्कि यह एक सामान्य संदेश था जिसमें उन्होंने दुनिया भर के लोगों को शांति और प्रगति के लिए प्रेरित किया था।
अब पोप का यह बयान लोगों के बीच में एक नई बातचीत की शुरुआत कर सकता है। क्या पोप का भाषण वास्तव में सिर्फ एक सामान्य संदेश था या इसमें कोई विशेष सन्देश था? पोप के इस बयान को लेकर लोगों की प्रतिक्रिया क्या होगी?
पोप फ्रांसिस ने अपने भाषण में दुनिया भर के नेताओं को एक संदेश दिया था जिसमें उन्होंने प्रगति और शांति की आवश्यकता पर जोर दिया था।