एआई इंपर्सनेशन कंपनी के सीईओ का पर्दाफाश: शिषिर मेहरोत्रा का यूजर्स को ठगने का राज़!
सुपरह्यूमन की एआई तकनीक से यूजर्स को धोखा देने का चौंकाने वाला सच और सीईओ की बेपरवाही!

एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) के ज़रिए लोगों को धोखा देने वाली कंपनी सुपरह्यूमन के सीईओ शिषिर मेहरोत्रा पर गंभीर आरोप लगे हैं। ये आरोप यूजर्स की सुरक्षा और सहमति को ताक पर रखने से जुड़े हैं। अब ये खुलासा हुआ है कि कैसे ये कंपनी एआई का इस्तेमाल करके लोगों को ठग रही थी।
सुपरह्यूमन, जो ईमेल मैनेजमेंट के लिए जानी जाती है, चुपके से एक ऐसी एआई तकनीक विकसित कर रही थी जो यूजर्स की तरह ही ईमेल लिख सकती थी। लेकिन, ये तकनीक सिर्फ़ मदद करने के लिए नहीं थी - इसका इस्तेमाल यूजर्स को धोखा देने और उनकी सहमति के बिना उनके जैसे दिखने वाले ईमेल भेजने के लिए किया जा रहा था। लीक हुए दस्तावेज़ों से पता चला है कि मेहरोत्रा को इस बात की जानकारी थी और उन्होंने इसे रोकने के लिए कुछ नहीं किया।
सीईओ शिषिर मेहरोत्रा को पता था कि ये तकनीक यूजर्स को धोखा दे सकती है, लेकिन उन्होंने मुनाफे के लिए इसे जारी रखने का फैसला किया। ये एक गंभीर नैतिक चूक है।
सोशल मीडिया पर इस खुलासे के बाद लोगों में आक्रोश है। यूजर्स का कहना है कि ये उनकी प्राइवेसी और सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। कई लोगों ने सुपरह्यूमन के बॉयकॉट का आह्वान किया है और इस मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ये मामला एआई के इस्तेमाल को लेकर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। क्या कंपनियां मुनाफे के लिए यूजर्स की सुरक्षा को खतरे में डाल सकती हैं? इस घटना से ये साफ़ हो गया है कि एआई तकनीक के इस्तेमाल पर सख्त नियम और नियंत्रण ज़रूरी हैं।


