भारत का छिपा कार्यक्रम: कारों की बिक्री पर लगाने वाले कर से पर्यावरण की तबाही का खतरा
वित्त मंत्री अरुण जेटली के वायु प्रदूषण को कम करने के लिए एक साहसिक कदम के बाद विशेषज्ञों का चेतावनी

भारत में वायु प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन गया है, और सरकार ने इसे कम करने के लिए कई कदम उठाए हैं। लेकिन एक नए कर से पर्यावरण पर इसका संभावित प्रभाव विशेषज्ञों को चिंतित कर रहा है।
भारत सरकार ने बीते दिनों कारों की बिक्री पर एक नया कर लगाने का फैसला किया है, जिसका उद्देश्य वायु प्रदूषण को कम करना है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि यह कर सीधे तौर पर पर्यावरण पर हानिकारक हो सकता है।
यह कर पर्यावरण के लिए एक बड़ा खतरा है, क्योंकि इससे लोग अधिक प्रदूषण फैलाने वाली कारें खरीदेंगे। इससे वायु प्रदूषण का स्तर और भी बढ़ जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह कर सिर्फ अमीर लोगों की जेब को झुनझुनी देगा, जबकि गरीब लोगों के लिए इससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। इससे वायु प्रदूषण की समस्या और भी बढ़ेगी।
इसलिए, यह कर वास्तव में पर्यावरण के लिए हानिकारक हो सकता है। सरकार को इसे वापस लेना चाहिए और वायु प्रदूषण को कम करने के लिए और भी कदम उठाने चाहिए।


