लाइव नेशन का 'समझौता'? सच जानकर होश उड़ जाएंगे!
सरकार से डील करके ये कंपनी असली बदलाव लाएगी या सिर्फ़ धूल झोंक रही है?

लाइव नेशन, जो टिकट बेचने से लेकर कॉन्सर्ट तक सब कुछ संभालती है, पर सरकार ने एकाधिकार होने का आरोप लगाया था। अब एक समझौता हुआ है, लेकिन क्या ये वाकई में आपके लिए फायदेमंद है? आइए, जानते हैं पर्दे के पीछे की सच्चाई।
दरअसल, लाइव नेशन पर आरोप था कि वो टिकटों की कीमतें बढ़ा रही है और कलाकारों को भी अपनी शर्तों पर मजबूर कर रही है। अब समझौते के तहत, वो कुछ चीज़ें बदलेंगी, जैसे टिकट बेचने का तरीका। लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये बदलाव मामूली हैं और कंपनी का दबदबा कम होने वाला नहीं है।
समझौते में लाइव नेशन को अपनी टिकट बेचने वाली कंपनी 'टिकटमास्टर' को अलग करने का आदेश दिया गया है, लेकिन ये पूरी तरह से अलग नहीं होगी। ये अभी भी लाइव नेशन के कंट्रोल में ही रहेगी!
सोशल मीडिया पर लोग इस समझौते को लेकर नाराज़ हैं। उनका कहना है कि ये सिर्फ़ दिखावा है और आम लोगों को कोई फायदा नहीं होगा। कई लोग तो ये भी कह रहे हैं कि लाइव नेशन पर और सख्त कार्रवाई होनी चाहिए थी।
तो, ये समझौता सच में क्या है? ये तो बस कंपनी की छवि सुधारने का एक तरीका लगता है। असली बदलाव तभी आएगा, जब टिकट बेचने के बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कलाकारों को भी अपनी शर्तों पर काम करने की आज़ादी मिलेगी।


