लाइव नेशन का काला खेल: कंसर्ट के बादशाह का समझौता, असली मुद्दा गायब!
एक्सक्लूसिव: कोर्ट केस के अंदर की बात, लाइव नेशन की म्यूजिक इंडस्ट्री पर पकड़ और मजबूत!

लाइव नेशन पर सालों से आरोप लग रहे थे कि वो म्यूजिक इंडस्ट्री को कंट्रोल कर रहा है। अब एक समझौता हुआ है, लेकिन क्या ये सच में फैंस के लिए अच्छी खबर है? सच्चाई तो ये है कि असली समस्या अभी भी जस की तस है।
अमेरिकी सरकार ने लाइव नेशन पर एंटीट्रस्ट का मुकदमा किया था, जिसमें आरोप था कि कंपनी ने मोनोपोली बनाकर रखा है। समझौते के तहत, लाइव नेशन को कुछ टिकट बेचने के अधिकार देने होंगे, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये सिर्फ दिखावा है। कंपनी अभी भी टिकटों की कीमतें तय करने और आर्टिस्ट्स को बुक करने में सबसे आगे है।
“ये समझौता सिर्फ कागजी कार्रवाई है, इससे फैंस को कोई खास फायदा नहीं होगा। लाइव नेशन की मोनोपोली अभी भी बरकरार है।”
सोशल मीडिया पर फैंस का गुस्सा फूट पड़ा है। लोग कह रहे हैं कि ये समझौता लाइव नेशन को बचाने की कोशिश है, न कि फैंस के अधिकारों की रक्षा करने की। कई लोगों ने टिकटों की बढ़ती कीमतों और लाइव नेशन के दबदबे पर नाराजगी जताई है।
समझौते के बाद भी, लाइव नेशन म्यूजिक इंडस्ट्री का सबसे बड़ा खिलाड़ी बना हुआ है। असली बदलाव तभी आएगा जब कंपनी को तोड़ा जाएगा या उस पर सख्त नियम लगाए जाएंगे। फैंस को उम्मीद है कि सरकार इस मामले में और सख्ती दिखाएगी।


